एक आदमी हथौड़ा लेकर पहाड़ों को खूबसूरत शेप दे रहा था। फिर उसने माउंट एवरेस्ट पर बर्फ बिछाई, उसके बाद एक विशाल मशीन से घने जंगलों के पेड़ों की ट्रिमिंग की और आखिर में एक झील में पानी भर दिया। असल में वह भगवान के लिए काम करता था। सुबह जैसे ही अलार्म बजा, वह तुरंत उठ गया। तैयार होकर उसने ब्रश किया, नाश्ता बनाया और आराम से खाने बैठ गया। तभी उसकी नजर कैलेंडर पर पड़ी और वह हैरान रह गया। आज भगवान के इंस्पेक्शन का दिन था। यह देखते ही उसने अपना हेलमेट और टूलबॉक्स उठाया और फौरन काम पर निकल पड़ा। पूरे दिन मेहनत करने के बाद उसका काम लगभग खत्म होने वाला था कि तभी उसने नीचे झांका। उसके पैरों के पास आदिमानवों का एक समूह खड़ा था। उन्होंने पहली बार इतना विशाल इंसान देखा था। लेकिन उनकी नजर से ऐसा लग रहा था मानो वह उनकी तरफ देखकर पेशाब कर रहा हो। यह देखकर आदिमानव भड़क गए और अपने हथियार उठाकर हमला करने की तैयारी करने लगे। हालात बिगड़ते देख उसने तुरंत उन्हें समझाने की कोशिश की। जब आदिमानवों को पूरी सच्चाई पता चली, तो वे हैरान रह गए। उन्हें लगा कि उनके सामने कोई साधारण इंसान नहीं, बल्कि खुद भगवान खड़े हैं। अगले ही पल सभी उसके सामने घुटनों पर बैठ गए और सम्मान के साथ उसे जाते हुए देखते रहे।